UPSSSC PET Syllabus 2026
UPSSSC PET Syllabus 2026: यदि आप UPSSSC PET की तैयारी शुरू कर रहे हैं, तो सबसे पहले आधिकारिक सिलेबस को समझना आवश्यक है। यही आपकी तैयारी की दिशा तय करता है और यह स्पष्ट करता है कि परीक्षा में किन विषयों और टॉपिक्स से प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
यदि आप UPSSSC PET परीक्षा के बारे में नोटिफिकेशन, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न, सिलेबस, एडमिट कार्ड, रिजल्ट और अन्य सभी महत्वपूर्ण जानकारी एक ही स्थान पर विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, तो हमारा UPSSSC PET गाइड अवश्य देखें। यह इस परीक्षा से जुड़ी सभी प्रमुख जानकारी का केंद्रीय (Hub) पेज है, जबकि यह लेख केवल UPSSSC PET Syllabus 2026 पर केंद्रित है।
इस लेख में आपको UPSSSC PET Syllabus 2026 का विषयवार आधिकारिक विवरण, परीक्षा पैटर्न का संक्षिप्त अवलोकन, अंक वितरण, महत्वपूर्ण निर्देश तथा प्रत्येक विषय को सरल हिन्दी में समझाने वाला मार्गदर्शन मिलेगा। यहां केवल आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार उपलब्ध जानकारी को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है, ताकि आप बिना किसी भ्रम के अपनी तैयारी शुरू कर सकें।
क्या UPSSSC PET Syllabus 2026 में कोई बदलाव हुआ है?
उपलब्ध आधिकारिक अधिसूचना में सिलेबस में किसी नए संशोधन या परिवर्तन का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिसूचना में प्रकाशित विषयों और परीक्षा योजना के अनुसार ही अपनी तैयारी करनी चाहिए। यदि भविष्य में आयोग द्वारा संशोधित सिलेबस जारी किया जाता है, तो उसी के अनुसार इस लेख को अपडेट किया जा सकता है।
UPSSSC PET Syllabus 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | Preliminary Eligibility Test (PET)-2026 |
| आयोजित करने वाली संस्था | उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) |
| लेख का प्रकार | Evergreen Syllabus Guide |
| परीक्षा का उद्देश्य | प्रारंभिक अर्हता परीक्षा |
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 100 |
| परीक्षा अवधि | 2 घंटे |
| प्रश्न प्रकार | वस्तुनिष्ठ (Objective Type) |
| आधिकारिक सिलेबस | अधिसूचना में प्रकाशित |
| नेगेटिव मार्किंग | प्रत्येक गलत उत्तर पर ¼ अंक की कटौती |
| आधिकारिक आधार | UPSSSC PET-2026 Notification |
UPSSSC PET Syllabus 2026 Highlights
- परीक्षा में कुल 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे।
- प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक निर्धारित है।
- परीक्षा की कुल अवधि 2 घंटे होगी।
- प्रत्येक गलत उत्तर पर ¼ अंक की नेगेटिव मार्किंग लागू होगी।
- सिलेबस में कुल 15 विषय शामिल किए गए हैं।
- इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, विज्ञान, गणित, भाषा, रीजनिंग और समसामयिक विषयों को सम्मिलित किया गया है।
- प्रश्नों का स्तर राष्ट्रीय शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद (NCERT) द्वारा निर्धारित माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के अनुरूप रखा जाएगा।
- आयोग ने सिलेबस के साथ परीक्षा संबंधी कुछ विशेष निर्देश भी जारी किए हैं, जिनका पालन अभ्यर्थियों को तैयारी के दौरान करना चाहिए।
UPSSSC PET Exam Pattern 2026 (Overview)
तैयारी शुरू करने से पहले परीक्षा की संरचना समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना सिलेबस जानना। आधिकारिक परीक्षा योजना के अनुसार PET-2026 एक वस्तुनिष्ठ लिखित परीक्षा होगी, जिसमें सभी प्रश्न एक ही प्रश्नपत्र में पूछे जाएंगे। कुल प्रश्न, अंक, परीक्षा अवधि और नेगेटिव मार्किंग का प्रारूप आयोग ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है।
| परीक्षा घटक | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का प्रकार | वस्तुनिष्ठ (Objective Type) |
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 100 |
| परीक्षा अवधि | 2 घंटे |
| प्रत्येक सही उत्तर | 1 अंक |
| प्रत्येक गलत उत्तर | ¼ अंक की कटौती |
| प्रश्नों का आधार | आधिकारिक विषयवार सिलेबस |
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
सिलेबस और परीक्षा पैटर्न एक-दूसरे के पूरक हैं। इसलिए तैयारी शुरू करने से पहले विषयों के साथ-साथ प्रश्नों की संख्या, समय प्रबंधन और नेगेटिव मार्किंग को भी समझना आवश्यक है। यदि आप परीक्षा की संरचना को विस्तार से जानना चाहते हैं, तो UPSSSC PET Exam Pattern पर समर्पित लेख पढ़ना अधिक उपयोगी रहेगा, क्योंकि इस लेख का मुख्य उद्देश्य केवल आधिकारिक सिलेबस को विस्तार से समझाना है।
UPSSSC PET Subject Wise Syllabus 2026
भारतीय इतिहास (Indian History)
भारतीय इतिहास UPSSSC PET का महत्वपूर्ण विषय है। इसका उद्देश्य केवल घटनाओं को याद करना नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक ऐतिहासिक यात्रा की मूल समझ विकसित करना है। आधिकारिक सिलेबस में विभिन्न ऐतिहासिक कालखंडों और उनसे जुड़े प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है
| भारतीय इतिहास (Indian History) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| भारतीय इतिहास (Indian History) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
सिंधु घाटी की सभ्यता
यह भारत की सबसे प्राचीन शहरी सभ्यताओं में से एक है। इसकी प्रमुख विशेषताओं, नगर व्यवस्था और सांस्कृतिक विकास की सामान्य जानकारी समझना उपयोगी रहेगा।
वैदिक संस्कृति
इस भाग में वैदिक काल के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप की मूल अवधारणाओं को समझना आवश्यक है।
बौद्ध धर्म एवं गौतम बुद्ध
आधिकारिक सिलेबस में गौतम बुद्ध के जीवन और उनकी शिक्षाओं का उल्लेख किया गया है। तैयारी करते समय इन्हीं बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए।
जैन धर्म एवं महावीर
महावीर के जीवन तथा जैन धर्म की प्रमुख शिक्षाओं की सामान्य समझ विकसित करें।
मौर्य वंश
सम्राट अशोक से संबंधित ऐतिहासिक योगदान और उनके शासन की मूल जानकारी सिलेबस का हिस्सा है।
गुप्त वंश
समुद्रगुप्त और चन्द्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल तथा उनके ऐतिहासिक महत्व को समझना उपयोगी रहेगा।
हर्षवर्धन
हर्षवर्धन के शासनकाल और उनके योगदान की आधारभूत जानकारी पढ़ें।
राजपूत, सल्तनत, मुगल एवं मराठा काल
इन सभी कालखंडों के प्रमुख राजनीतिक और ऐतिहासिक पहलुओं की सामान्य समझ विकसित करें ताकि विभिन्न शासन व्यवस्थाओं का क्रम स्पष्ट हो सके।
ब्रिटिश शासन एवं प्रथम स्वतंत्रता संग्राम
ब्रिटिश शासन की शुरुआत, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम तथा उसके ऐतिहासिक महत्व को समझना आवश्यक है।
ब्रिटिश शासन का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
आधिकारिक सिलेबस में इस विषय का उल्लेख किया गया है। तैयारी करते समय सामाजिक और आर्थिक प्रभावों की मूल अवधारणाओं पर ध्यान दें।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
इतिहास की तैयारी करते समय विषयों को अलग-अलग याद करने के बजाय उन्हें कालक्रम के अनुसार समझने का प्रयास करें। इससे घटनाओं के बीच संबंध स्पष्ट होता है और पुनरावृत्ति भी आसान हो जाती है। आधिकारिक सिलेबस में शामिल प्रत्येक टॉपिक को अवश्य कवर करें।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement)
इस विषय का उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख घटनाओं, आंदोलनों और महत्वपूर्ण नेताओं की भूमिका की सामान्य समझ विकसित करना है। आधिकारिक सिलेबस में केवल प्रमुख चरणों का उल्लेख किया गया है, इसलिए तैयारी भी उसी दायरे में रखनी चाहिए।
| भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (Indian National Movement) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
स्वाधीनता आंदोलन के प्रारम्भिक वर्ष
भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की शुरुआती गतिविधियों और उनके विकास की सामान्य जानकारी पर ध्यान दें।
स्वदेशी एवं सविनय अवज्ञा आंदोलन
आधिकारिक सिलेबस के अनुसार महात्मा गांधी तथा अन्य नेताओं की भूमिका को समझना महत्वपूर्ण है।
क्रांतिकारी आंदोलन
स्वतंत्रता आंदोलन में क्रांतिकारी विचारधारा और उसके विकास की मूल जानकारी इस भाग में शामिल है।
ब्रिटिश इंडिया एक्ट, 1935
इस अधिनियम के प्रमुख महत्व और प्रशासनिक प्रभाव की सामान्य समझ विकसित करें।
भारत छोड़ो आंदोलन एवं आजाद हिन्द फौज
भारत छोड़ो आंदोलन, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस तथा आजाद हिन्द फौज का ऐतिहासिक योगदान समझना आवश्यक है।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
राष्ट्रीय आंदोलन के सभी चरणों को एक क्रम में पढ़ने से घटनाओं की निरंतरता समझने में आसानी होती है। तैयारी के दौरान केवल आधिकारिक सिलेबस में शामिल आंदोलनों और व्यक्तित्वों पर ही ध्यान केंद्रित करें।
भूगोल (Geography)
भूगोल विषय में भारत और विश्व दोनों से संबंधित आधारभूत भौगोलिक जानकारी शामिल है। इसमें प्राकृतिक, राजनीतिक तथा पर्यावरणीय पहलुओं की सामान्य समझ विकसित करना उद्देश्य है।
| भूगोल (Geography) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| भारत एवं विश्व का भौतिक भूगोल |
|
| अन्य विषय |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
भौतिक भूगोल
इस भाग में पृथ्वी की प्राकृतिक संरचनाओं तथा प्राकृतिक संसाधनों की सामान्य जानकारी समझना आवश्यक है।
राजनीतिक भूगोल
देशों, सीमाओं तथा राजनीतिक विभाजन से संबंधित मूल अवधारणाओं की जानकारी इस भाग में शामिल है।
जलवायु एवं मौसम
मौसम और जलवायु में अंतर तथा उनके सामान्य स्वरूप की समझ विकसित करें।
टाइम जोन
समय निर्धारण और विभिन्न क्षेत्रों के समय अंतर की आधारभूत जानकारी इस विषय का हिस्सा है।
जनसंख्या एवं प्रवास
जनसंख्या परिवर्तन तथा लोगों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने की सामान्य अवधारणाओं को समझें।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
भूगोल पढ़ते समय मानचित्र का सहारा लेने से विषय अधिक स्पष्ट होता है। हालांकि तैयारी हमेशा आधिकारिक सिलेबस में सूचीबद्ध विषयों तक ही सीमित रखें।
भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy)
भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े विषय अभ्यर्थियों की आर्थिक समझ का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से शामिल किए गए हैं। आधिकारिक सिलेबस में आर्थिक विकास की विभिन्न अवधियों और प्रमुख सुधारों का उल्लेख किया गया है।
| भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) ) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| भारतीय अर्थव्यवस्था (1947 से 1991 तक) |
|
| वर्ष 1991 के आर्थिक सुधार तथा उनके बाद की अर्थव्यवस्था, वर्ष 2014 के पश्चात के आर्थिक सुधार |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
1947 से 1991 तक की अर्थव्यवस्था
इस भाग में स्वतंत्रता के बाद अपनाई गई आर्थिक नीतियों और विकास की दिशा को समझना आवश्यक है।
1991 के आर्थिक सुधार
आधिकारिक सिलेबस के अनुसार आर्थिक सुधारों के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था में हुए प्रमुख बदलावों की सामान्य जानकारी पढ़नी चाहिए।
2014 के बाद के सुधार
सिलेबस में कृषि, बैंकिंग, श्रम, आर्थिक सुधार तथा GST का उल्लेख किया गया है। तैयारी के दौरान इन्हीं आधिकारिक विषयों पर ध्यान केंद्रित रखें।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
अर्थव्यवस्था की तैयारी करते समय प्रत्येक नीति का उद्देश्य और उसकी मूल अवधारणा समझने का प्रयास करें। विस्तृत आर्थिक विश्लेषण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि परीक्षा का आधार आधिकारिक सिलेबस में दिए गए विषय ही हैं।
भारतीय संविधान एवं लोक प्रशासन (Indian Constitution & Public Administration)
यह विषय अभ्यर्थियों की भारतीय संवैधानिक व्यवस्था, शासन प्रणाली तथा स्थानीय प्रशासन से संबंधित आधारभूत समझ का मूल्यांकन करता है। आधिकारिक सिलेबस में केवल प्रमुख संवैधानिक विषयों और प्रशासनिक इकाइयों को शामिल किया गया है।
| भारतीय संविधान एवं लोक प्रशासन (Indian Constitution & Public Administration) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| भारतीय संविधान |
|
| अन्य विषय |
|
(Indian Constitution & Public Administration) को सरल भाषा में समझें
भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं
इस भाग में संविधान की मूल संरचना और उसकी प्रमुख विशेषताओं की सामान्य समझ विकसित करना आवश्यक है।
राज्य के नीति-निर्देशक सिद्धांत
आधिकारिक सिलेबस में नीति-निर्देशक सिद्धांतों का उल्लेख किया गया है। इनके उद्देश्य और शासन में इनके महत्व को समझना उपयोगी रहेगा।
मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य
नागरिकों को प्राप्त अधिकारों तथा उनके मूल कर्तव्यों की आधारभूत जानकारी इस विषय का हिस्सा है।
संसदीय एवं संघीय प्रणाली
भारत की शासन व्यवस्था, संसद की भूमिका तथा केन्द्र और राज्यों के बीच प्रशासनिक संबंधों की सामान्य समझ विकसित करें।
न्यायिक व्यवस्था
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय की भूमिका तथा न्यायिक ढांचे की मूल जानकारी को समझना आवश्यक है।
जिला प्रशासन एवं पंचायती राज
स्थानीय प्रशासन, जिला स्तर की व्यवस्था तथा पंचायती राज संस्थाओं के कार्यों की सामान्य जानकारी इस भाग में सम्मिलित है।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
संविधान विषय की तैयारी करते समय प्रत्येक विषय के पीछे की मूल अवधारणा समझने का प्रयास करें। केवल परिभाषाएं याद करने के बजाय यह समझें कि संविधान और प्रशासनिक संस्थाएं किस उद्देश्य से कार्य करती हैं।
सामान्य विज्ञान (General Science)
सामान्य विज्ञान का उद्देश्य विज्ञान की आधारभूत अवधारणाओं की समझ का परीक्षण करना है। आधिकारिक सिलेबस में विज्ञान को तीन मुख्य भागों में विभाजित किया गया है।
| सामान्य विज्ञान (General Science) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| सामान्य विज्ञान |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
प्रारंभिक भौतिक विज्ञान
इस भाग में भौतिक विज्ञान की मूल अवधारणाओं की सामान्य समझ विकसित करना अपेक्षित है।
प्रारंभिक रसायन विज्ञान
रसायन विज्ञान के आधारभूत सिद्धांतों और सामान्य वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी इस भाग में शामिल है।
प्रारंभिक जीव विज्ञान
जीव-जंतुओं, वनस्पतियों तथा जीवन से संबंधित मूल वैज्ञानिक अवधारणाओं की सामान्य समझ विकसित करें।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
आधिकारिक सिलेबस में विज्ञान के केवल प्रारंभिक स्तर का उल्लेख है। इसलिए तैयारी करते समय मूल अवधारणाओं को स्पष्ट रखने पर अधिक ध्यान दें और विषय को अनावश्यक रूप से विस्तृत न करें।
प्रारंभिक अंकगणित (Elementary Arithmetic)
प्रारंभिक अंकगणित अभ्यर्थियों की गणनात्मक क्षमता और आधारभूत गणितीय समझ का मूल्यांकन करता है। आधिकारिक सिलेबस में केवल आवश्यक गणितीय विषयों को शामिल किया गया है।
| प्रारंभिक अंकगणित (Elementary Arithmetic) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| प्रारंभिक अंकगणित (Elementary Arithmetic) |
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विषय को सरल भाषा में समझें
पूर्ण संख्या, भिन्न एवं दशमलव
संख्याओं के विभिन्न रूपों तथा उनके आधारभूत प्रयोग की समझ विकसित करें।
प्रतिशतता
प्रतिशत की गणना और उसके सामान्य उपयोग को समझना इस विषय का मुख्य उद्देश्य है।
साधारण अंकगणितीय समीकरण
सरल गणितीय समीकरणों को हल करने की आधारभूत क्षमता विकसित करना आवश्यक है।
वर्ग एवं वर्गमूल
संख्याओं के वर्ग और वर्गमूल की सामान्य अवधारणाओं को समझें।
घातांक एवं घात
घात और घातांकों के मूल सिद्धांतों का अध्ययन करें।
औसत
औसत निकालने की सामान्य प्रक्रिया तथा उसके उपयोग की आधारभूत जानकारी इस विषय का हिस्सा है।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
गणित की तैयारी में नियमित अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण है। प्रत्येक आधिकारिक टॉपिक के मूल सिद्धांत स्पष्ट होने चाहिए ताकि प्रश्नों को कम समय में हल किया जा सके।
सामान्य हिन्दी (General Hindi)
सामान्य हिन्दी का उद्देश्य भाषा की मूल समझ, शब्दज्ञान और व्याकरण संबंधी आधारभूत जानकारी का परीक्षण करना है। आधिकारिक सिलेबस में हिन्दी के प्रमुख व्याकरणिक एवं भाषाई विषयों को शामिल किया गया है।
| सामान्य हिन्दी (General Hindi) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| सामान्य हिन्दी (General Hindi) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
व्याकरण संबंधी विषय
संधि, लिंग तथा सामान्य अशुद्धियों जैसे विषय भाषा के सही प्रयोग की आधारभूत समझ विकसित करते हैं।
शब्द भंडार
विलोम, पर्यायवाची तथा वाक्यांशों के लिए एक शब्द जैसे विषय शब्द ज्ञान को मजबूत बनाते हैं।
मुहावरे एवं लोकोक्तियां
हिन्दी भाषा में प्रचलित मुहावरों और लोकोक्तियों का सामान्य अर्थ समझना उपयोगी रहेगा।
लेखक एवं रचनाएं
आधिकारिक सिलेबस में गद्य एवं पद्य के लेखक और रचनाओं का उल्लेख किया गया है। तैयारी इसी सीमा तक रखें।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
हिन्दी विषय की तैयारी करते समय व्याकरण और शब्दावली दोनों पर समान ध्यान दें। आधिकारिक सूची में शामिल प्रत्येक भाग का नियमित अभ्यास भाषा की समझ को बेहतर बनाता है।
सामान्य अंग्रेज़ी (General English)
सामान्य अंग्रेज़ी विषय अभ्यर्थियों की मूल अंग्रेज़ी भाषा समझ का परीक्षण करता है। आधिकारिक सिलेबस में केवल दो प्रमुख विषय शामिल किए गए हैं।
| सामान्य अंग्रेज़ी (General English) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| सामान्य अंग्रेज़ी (General English) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
अंग्रेज़ी व्याकरण
इस भाग में अंग्रेज़ी भाषा के आधारभूत व्याकरणिक नियमों की सामान्य समझ विकसित करना आवश्यक है।
अपठित गद्यांश
इस विषय का उद्देश्य किसी दिए गए अंग्रेज़ी गद्यांश को पढ़कर उसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों को समझने और उत्तर देने की क्षमता का मूल्यांकन करना है।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
अंग्रेज़ी की तैयारी करते समय व्याकरण और पढ़कर समझने (Reading Comprehension) की क्षमता दोनों पर संतुलित ध्यान दें। आधिकारिक सिलेबस में केवल यही दो क्षेत्र दिए गए हैं, इसलिए तैयारी भी इन्हीं तक सीमित रखें।
तर्क एवं तार्किक क्षमता (Logic & Reasoning)
तर्क एवं तार्किक क्षमता का उद्देश्य अभ्यर्थियों की विश्लेषणात्मक सोच, पैटर्न पहचानने की क्षमता तथा तार्किक निर्णय लेने की योग्यता का मूल्यांकन करना है। आधिकारिक सिलेबस में केवल निर्धारित विषयों को ही शामिल किया गया है।
| तर्क एवं तार्किक क्षमता (Logic & Reasoning) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| तर्क एवं तार्किक क्षमता (Logic & Reasoning) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
क्रम एवं रैंकिंग
इस भाग में वस्तुओं या व्यक्तियों की स्थिति तथा उनके क्रम को समझने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है।
संबंध
विभिन्न व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच संबंधों को पहचानने और उनका तार्किक विश्लेषण करने की सामान्य समझ विकसित करना आवश्यक है।
समूह से भिन्न को अलग करना
दिए गए विकल्पों में समानता और असमानता के आधार पर अलग तत्व की पहचान करने की क्षमता इस भाग का उद्देश्य है।
कैलेंडर एवं घड़ी
समय और तिथि से संबंधित आधारभूत तार्किक अवधारणाओं को समझना उपयोगी रहेगा।
कारण और प्रभाव
घटनाओं के बीच कारण तथा उनके परिणाम को समझने की तार्किक क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।
कोडिंग-डिकोडिंग
संख्या या अक्षरों पर आधारित पैटर्न को पहचानने और उसका विश्लेषण करने की सामान्य समझ इस विषय का हिस्सा है।
निगमनात्मक तर्क
दिए गए कथनों के आधार पर उचित निष्कर्ष निकालने और तार्किक निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना आवश्यक है।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
रीजनिंग में सफलता का आधार नियमित अभ्यास और अवधारणाओं की स्पष्ट समझ है। प्रत्येक आधिकारिक टॉपिक को अलग-अलग समझने के बाद मिश्रित प्रश्नों का अभ्यास करना अधिक उपयोगी रहता है।
समसामयिकी (Current Affairs)
यह विषय अभ्यर्थियों की वर्तमान घटनाओं के प्रति सामान्य जागरूकता का मूल्यांकन करता है। आधिकारिक सिलेबस में केवल एक व्यापक विषय का उल्लेख किया गया है
| समसामयिकी (Current Affairs) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| समसामयिकी (Current Affairs) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
इस भाग में भारत और विश्व स्तर पर घटित महत्वपूर्ण समसामयिक घटनाओं की सामान्य जानकारी अपेक्षित है। आधिकारिक अधिसूचना में किसी विशेष अवधि, स्रोत या उप-विषय का उल्लेख नहीं किया गया है, इसलिए तैयारी करते समय केवल विश्वसनीय एवं अद्यतन स्रोतों से नियमित अध्ययन करना उपयुक्त रहेगा।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
समसामयिकी की तैयारी अंतिम समय के बजाय नियमित रूप से करें। इससे विषय को समझना और याद रखना दोनों आसान हो जाता है।
सामान्य जागरूकता (General Awareness)
सामान्य जागरूकता विषय का उद्देश्य भारत तथा विश्व से संबंधित सामान्य जानकारी का मूल्यांकन करना है। आधिकारिक सिलेबस में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख विषयों को शामिल किया गया है।
| सामान्य जागरूकता (General Awareness) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| सामान्य जागरूकता (General Awareness) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
सामान्य जागरूकता में अलग-अलग क्षेत्रों की आधारभूत जानकारी शामिल होती है। आधिकारिक सिलेबस के अनुसार भारत, विश्व, संस्कृति, खेल, पर्यावरण, संसद, राज्यों, पुरस्कारों और अन्य सामान्य विषयों की मूल जानकारी समझना आवश्यक है।
उम्मीदवारों के लिए मार्गदर्शन
यह विषय विविध प्रकृति का है। तैयारी करते समय आधिकारिक सूची में शामिल प्रत्येक क्षेत्र को व्यवस्थित रूप से पढ़ें ताकि कोई विषय छूट न जाए।
अपठित हिन्दी गद्यांश (Unread Hindi Passage)
| अपठित हिन्दी गद्यांश (Unread Hindi Passage) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| अपठित हिन्दी गद्यांश (Unread Hindi Passage) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
इस भाग में दिए गए हिन्दी गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसके आधार पर पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देना होता है। उद्देश्य भाषा की समझ और विश्लेषण क्षमता का परीक्षण करना है।
ग्राफ की व्याख्या एवं विश्लेषण(Interpretation and analysis of graphs)
| ग्राफ की व्याख्या एवं विश्लेषण(Interpretation and analysis of graphs) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| ग्राफ की व्याख्या एवं विश्लेषण(Interpretation and analysis of graphs) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
इस भाग में ग्राफ में दी गई जानकारी को समझकर उसके आधार पर प्रश्नों का उत्तर देना होता है। इसमें आंकड़ों को सही ढंग से पढ़ने और उनका विश्लेषण करने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है।
तालिका की व्याख्या एवं विश्लेषण (Interpretation and analysis of the table)
| तालिका की व्याख्या एवं विश्लेषण (Interpretation and analysis of the table) | |
|---|---|
| Subject | Key Topics |
| तालिका की व्याख्या एवं विश्लेषण (Interpretation and analysis of the table) |
|
विषय को सरल भाषा में समझें
तालिका आधारित प्रश्नों में अभ्यर्थी की डेटा को पढ़ने, तुलना करने और सही निष्कर्ष निकालने की क्षमता का परीक्षण किया जाता है।
परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आधिकारिक निर्देश
आधिकारिक अधिसूचना में परीक्षा योजना के साथ कुछ महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।
- प्रश्नों का कठिनाई स्तर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर के अनुरूप रहेगा।
- परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार की होगी।
- प्रत्येक गलत उत्तर पर ¼ अंक की कटौती की जाएगी।
- आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा एक से अधिक शिफ्ट में आयोजित की जा सकती है तथा विभिन्न शिफ्टों के अंकों का सामान्यीकरण (Normalization) किया जाएगा।
- PET स्कोर परिणाम घोषित होने की तिथि से तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
तैयारी के दौरान होने वाली सामान्य गलतियां
अभ्यर्थी अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं जिनसे उनकी तैयारी प्रभावित हो सकती है।
- आधिकारिक सिलेबस पढ़े बिना तैयारी शुरू करना।
- किसी एक विषय पर अत्यधिक समय देना और अन्य विषयों की उपेक्षा करना।
- पुराने या अनौपचारिक सिलेबस के आधार पर अध्ययन करना।
- परीक्षा पैटर्न को समझे बिना अभ्यास करना।
- नियमित पुनरावृत्ति न करना।
संबंधित लेख (Recommended Reading)
यदि आप UPSSSC PET की सम्पूर्ण तैयारी करना चाहते हैं, तो सिलेबस के बाद निम्न विषयों को भी क्रमवार पढ़ना उपयोगी रहेग—
- UPSSSC PET Exam Pattern – परीक्षा की संरचना और प्रश्न प्रारूप को विस्तार से समझने के लिए।
- UPSSSC PET Eligibility – आवेदन करने के लिए आवश्यक पात्रता की जानकारी।
- UPSSSC PET Previous Year Paper – प्रश्नों के स्वरूप को समझने के लिए।
- UPSSSC PET Mock Test – वास्तविक परीक्षा जैसी प्रैक्टिस के लिए।
- UPSSSC PET Notification – नवीनतम आधिकारिक अपडेट और महत्वपूर्ण तिथियों के लिए।
UPSSSCC PET Syllabus 2026 की तैयारी का सबसे विश्वसनीय आधार आयोग द्वारा जारी आधिकारिक सिलेबस है। यदि आप प्रत्येक विषय को उसकी आधिकारिक सीमा के भीतर समझकर नियमित अध्ययन और अभ्यास करते हैं, तो आपकी तैयारी अधिक व्यवस्थित और लक्ष्य-केंद्रित होगी। भविष्य में यदि आयोग सिलेबस या परीक्षा योजना में कोई आधिकारिक संशोधन जारी करता है, तो उसी के अनुसार इस लेख को भी अपडेट किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. UPSSSC PET Syllabus 2026 में कुल कितने विषय हैं?
आधिकारिक सिलेबस में कुल 15 विषय शामिल किए गए हैं, जिनमें इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, संविधान, विज्ञान, गणित, भाषाएं, रीजनिंग, समसामयिकी, सामान्य जागरूकता तथा गद्यांश, ग्राफ और तालिका आधारित प्रश्न शामिल हैं।
Q2. क्या UPSSSC PET का सिलेबस सभी अभ्यर्थियों के लिए समान होता है?
हाँ। उपलब्ध आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार PET का सिलेबस सभी अभ्यर्थियों के लिए समान है।
Q3. क्या परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग है?
हाँ। प्रत्येक गलत उत्तर पर एक-चौथाई (¼) अंक की कटौती का प्रावधान है।
Q3. क्या आधिकारिक अधिसूचना में सिलेबस में बदलाव का उल्लेख किया गया है?
नहीं। उपलब्ध अधिसूचना में सिलेबस में किसी परिवर्तन का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।
Q4. PET स्कोर कितने समय तक मान्य रहता है?
आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार PET परीक्षा का स्कोर परिणाम घोषित होने की तिथि से तीन वर्ष तक प्रभावी रहेगा।
Q5. क्या UPSSSC PET Syllabus में बदलाव किया गया है?
उपलब्ध आधिकारिक अधिसूचना में सिलेबस में किसी नए परिवर्तन का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए तैयारी के लिए अधिसूचना में प्रकाशित आधिकारिक विषयवार सिलेबस को ही आधार मानना